नमस्ते
आपका दिन स्वस्थ रहे !!
डॉ. निकुल पटेल द्वारा संचालित आयुर्वेद के स्वास्थ्य जगत में आपका स्वागत है।
वज़न घटाने का सटीक उपचार यानी व्यवस्थित जाँच, वज़न बढ़ने के कारण जानना और फिर उचित उपाय योजना – तभी निश्चित मात्रा में वज़न घट सकता है।
एक बार वज़न घटने के बाद ध्यान न रखें तो वह फिर से अवश्य बढ़ सकता है।
घर साफ़ करने के बाद भी रोज़ साफ़ न करते रहें तो वह फिर गंदा हो जाता है – यह हमारा अनुभव है। जैसे एक बार ऐसा साफ़ करना संभव नहीं कि फिर कभी साफ़ न करना पड़े, वैसे ही एक बार कोर्स पूरा करके वज़न फिर कभी न बढ़े, यह भी संभव नहीं।
हाँ, भोजन, व्यायाम और आलस्य दूर करने के प्रति जागरूक रहें तो वज़न अवश्य घटता है।
यहाँ वज़न घटाने में सामान्यतः उपयोग होने वाली दवाओं का उल्लेख कर रहा हूँ, फिर भी उचित जाँच करवाकर शुरू करें तो अधिक अच्छा रहेगा। यहाँ बताया परहेज़ आप अवश्य पाल सकते हैं और लाभ ले सकते हैं।
सामान्यतः उपयोगी दवाएँ:
- विडंगादि लौह कैप्सूल 2 कैप्सूल दिन में दो बार
- दशांग गुग्गुलु 2 गोली दिन में दो बार
- अग्निमंथ टैबलेट 2 गोली दिन में दो बार
- त्रिफला गुग्गुलु 2 गोली दिन में दो बार
परहेज़ (पथ्य) – केवल दवाओं से रोग नहीं मिटता; साथ में परहेज़ का पालन करने से ही रोग जड़ से मिट सकता है।
- तीखा, नमकीन, खट्टा बिल्कुल कम लें।
- बासी भोजन न लें।
- मैदे की चीज़ें – ब्रेड, बिस्किट, पाव और अन्य बेकरी की चीज़ें न लें।
- अचार तथा खमण, ढोकला, हांडवो, इडली, डोसा और अन्य खमीर वाली चीज़ें न लें।
- दही, छाछ, नींबू, टमाटर, इमली, कोकम आदि सारी खटाई बंद करें।
- दिन में न सोएँ।
- बाहर के नाश्ते से दूर रहें।
- मेद (चर्बी) जल महाभूत से संबंधित है; अधिक या फ्रिज का पानी पीने से शरीर में जल महाभूत बढ़ता है, इसलिए प्यास जितना ही पानी पिएँ। सुबह खाली पेट केवल एक अंजलि (अंजुली में समाए उतना) पानी हितकारी है। अधिक पानी जठराग्नि को मंद करता है।
- दिन में सोने और सुबह देर से उठने से वज़न बढ़ता है।
- सुबह नियमित व्यायाम करें (पसीना आए तब तक)।
- तेल, घी, चीज़, मक्खन, पनीर, मिठाई, फ्रिज की चीज़ें, श्रीखंड आदि से दूर रहें।
- उबले मूँग सबसे अधिक हितकारी हैं। नाश्ते में उबले मूँग, मुरमुरे, खाखरा, धानी, फुलका रोटी आदि ले सकते हैं।
- शहद का प्रयोग – शहद को नींबू या गर्म पानी के साथ कभी न लें। दो चम्मच शुद्ध शहद आधे गिलास सादे (मटके के) पानी में रात को मिलाकर रखें और सुबह पी लें; इसी तरह सुबह मिलाकर रखा पानी रात को सोते समय पी लें।
विरुद्ध आहार
- विरुद्ध आहार अधिकांश रोगों का कारण है, इसलिए उससे दूर रहें।
- दूध के साथ कोई भी फल, दही, छाछ, लहसुन, प्याज़, मूली, गुड़ और सारी खटाई विरुद्ध आहार है। दही के साथ गुड़ और मूली विरुद्ध आहार है।
- दही वज़न बढ़ाने वाला और शरीर की सभी नलिकाओं में अवरोध करने वाला है, इसलिए रोगी को इसका सेवन नहीं करना चाहिए।
आयुर्वेद की पंचकर्म चिकित्सा भी लाभदायक होगी:
- विरेचन कर्म
- बस्ति कर्म
- उद्वर्तन
- अभ्यंग–स्वेदन
ऐसे समय में नकारात्मक विचारों से दूर रहकर हमेशा सकारात्मक सोचें।
रोज़ सुबह टहलने जाएँ और योग, प्राणायाम तथा ध्यान करें तो जल्दी लाभ होगा।
योगासन:
- पश्चिमोत्तानासन
- चक्रासन
- पवनमुक्तासन
- प्राणायाम
नोट:
यहाँ दी गई सलाह सुरक्षा और हर जगह उपलब्धता के आधार पर दी गई है। हालाँकि, परिणाम दवा बनाने वाली कंपनी की गुणवत्ता पर निर्भर कर सकता है।
हमारे पास अच्छी गुणवत्ता की दवाएँ भी उपलब्ध हैं। हम दवाएँ गैर-व्यावसायिक आधार पर बनाते हैं और केवल अपने क्लिनिक से ही भेजते हैं। कोई भी व्यक्ति हमारे यहाँ से शुद्ध दवाएँ ले जा सकता है या कूरियर द्वारा दुनिया भर में मँगवा सकता है (कूरियर शुल्क अलग)। ऑनलाइन परामर्श द्वारा दवा पाने के लिए ईमेल या व्हाट्सएप मैसेज करें।
वैद्य निकुल पटेल (बी.ए.एम.एस.)
307, तीसरी मंजिल, शालिन कॉम्प्लेक्स, फरकी लस्सी के ऊपर, कृष्णबाग चार रास्ता, मणिनगर, अहमदाबाद – 380008
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