कई सालों से एसिडिटी, सीने-पेट में जलन, कभी-कभी सिरदर्द और जी मिचलाने की भी समस्या रहती है। अक्सीर उपाय बताएगा। अगर 12 साल से समस्या है, चाहे कितना भी समय लगे, वह हमेशा के लिए गायब हो जाएगी?
आजकल आयुर्वेदिक दवाएं ज्यादा महंगी हो गई हैं तो आप घरेंलु दवा दिखाएंगे, इसके अलावा पंचकर्म उपचार भी बताएंगे।
सूरत, 42 साल, पुरुष
नमस्ते
आपका दिन स्वस्थ रहे !!
डॉ. निकुल पटेल द्वारा संचालित आयुर्वेद के स्वास्थ्य जगत में आपका स्वागत है।
एसिडिटी के मुख्य कारण भोजन की बुरी आदतें हैं – अधिक तीखा, तला, मसालेदार और बासी भोजन, बाज़ार के नाश्ते आदि – साथ ही गुस्सा, चिंता और रात में देर तक जागना।
स्थायी समाधान के लिए सबसे पहले इन पर रोक लगानी होगी; तभी यह नियंत्रित हो सकती है।
बाज़ार की तैयार दवाओं की बात करें तो निम्न औषधियाँ 6 से 12 महीने नियमित लेने से ठीक हो सकती है:
- अविपत्तिकर चूर्ण 1 चम्मच दिन में तीन बार
- अम्लपित्तहर टैबलेट 2 गोली दिन में दो बार
- प्रवाल पंचामृत टैबलेट (मुक्तायुक्त) 1 गोली सुबह-शाम
- औदुंबरावलेह 2 चम्मच दिन में तीन बार
- पथ्यादि घनवटी 2 गोली दिन में तीन बार
(विश्वसनीय और उत्तम दवा बनाने वाली फ़ार्मेसी की दवा लें। हमारे अथर्व क्लिनिक से हम केवल स्वयं बनाई दवाएँ ही देते हैं – आप कूरियर से भी मँगवा सकते हैं।)
आपको लगता है कि आयुर्वेदिक दवाएँ दिन-ब-दिन महँगी हो रही हैं। पर हम एलोपैथी दवाओं की कीमत का कभी विचार नहीं करते – 35-40 रुपये की गोली से लेकर 5,000 और 25,000 के इंजेक्शन और महँगी रिपोर्ट। अधिकतर रोगों में केवल निदान के लिए होने वाली रिपोर्ट के खर्च में ही आयुर्वेद ठीक कर देता है। हमने हमेशा “आयुर्वेद यानी मुफ़्त” वाली मानसिकता रखी है, इसलिए ऐसा लगता है – पर आज तो छाछ भी मुफ़्त नहीं मिलती।
फिर भी सरकारी आयुर्वेद अस्पतालों में उपचार पूरी तरह निःशुल्क है। (वहाँ बाहर से लिखी जाने वाली दवा महँगी हो सकती है – वह न लें तो भी चलेगा।)
घरेलू उपाय:
- बाज़ार से शतावरी चूर्ण लाकर दूध में उबालें, मिश्री मिलाकर सुबह-शाम पिएँ।
- सूखी काली किशमिश को सौंफ के साथ पानी में भिगोकर नियमित लें।
- दूध और खासकर पेठा अधिक लें।
तकलीफ़ अधिक हो तो नज़दीक के अच्छे पंचकर्म केंद्र पर जल्दी राहत पा सकते हैं:
- विरेचन कर्म
- शिरोधारा
- नस्य कर्म
ऐसे समय में नकारात्मक विचारों से दूर रहकर हमेशा सकारात्मक सोचें।
रोज़ सुबह टहलने जाएँ और योग, प्राणायाम तथा ध्यान करें तो जल्दी लाभ होगा।
योगासन:
- पश्चिमोत्तानासन
- चक्रासन
- पवनमुक्तासन
- प्राणायाम
नोट:
यहाँ दी गई सलाह सुरक्षा और हर जगह उपलब्धता के आधार पर दी गई है। हालाँकि, परिणाम दवा बनाने वाली कंपनी की गुणवत्ता पर निर्भर कर सकता है।
हमारे पास अच्छी गुणवत्ता की दवाएँ भी उपलब्ध हैं। हम दवाएँ गैर-व्यावसायिक आधार पर बनाते हैं और केवल अपने क्लिनिक से ही भेजते हैं। कोई भी व्यक्ति हमारे यहाँ से शुद्ध दवाएँ ले जा सकता है या कूरियर द्वारा दुनिया भर में मँगवा सकता है (कूरियर शुल्क अलग)। ऑनलाइन परामर्श द्वारा दवा पाने के लिए ईमेल या व्हाट्सएप मैसेज करें।
वैद्य निकुल पटेल (बी.ए.एम.एस.)
307, तीसरी मंजिल, शालिन कॉम्प्लेक्स, फरकी लस्सी के ऊपर, कृष्णबाग चार रास्ता, मणिनगर, अहमदाबाद – 380008
समय: सुबह 10:00 से 1:00 और दोपहर 3:00 से 6:30 | शनि–रवि: बंद
📍 क्लिनिक का Location — Google Maps