मेरी बेटी अभी सातवीं कक्षा में पढ़ रही है। कब्ज की समस्या नहीं होती है। बेटी को सिर पर सफेद बालों की समस्या करीब एक साल से है। डॉक्टरों के मुताबिक अगर वह तीन महीने तक दवा जारी रखता है तो बाल जड़ से काले हो जाएंगे, लेकिन आज चार महीने का होने के बावजूद कोई फर्क नहीं पड़ता।
वह केवल 12 वर्ष की है और इसलिए यदि वह आगे बढ़ना बंद कर सकता है तो अच्छा रहेगा । इसके लिए उचित उपाय दिखाओ और यदि आवश्यक हो तो मैं आमने-सामने आने के लिए तैयार हूं।
— महेश एन. पटेल – गांधीनगर
नमस्ते
आपका दिन स्वस्थ रहे !!
डॉ. निकुल पटेल द्वारा संचालित आयुर्वेद के स्वास्थ्य जगत में आपका स्वागत है।
- असमय बाल सफ़ेद होने को आयुर्वेद में पालित्य रोग कहा गया है। अधिकतर पित्त प्रकृति और वंशानुगत कारण इसमें मुख्य रूप से ज़िम्मेदार हैं। इसके अलावा केमिकल वाले शैम्पू और बाज़ार में मिलने वाले नॉन-स्टिकी हेयर ऑयल – जो केवल केमिकल से बनते हैं और जिनमें बालों को पोषण देने के बजाय बाल बिगाड़ने वाली खुशबू और रंग ही होता है – भी कारण हैं। बाल सूखे (बिना तेल) रखना फ़ैशन बन गया है, तब से बालों को पोषण मिलना बंद हो गया है। बालों को पोषण देने वाले भोजन के बजाय जंक फ़ूड और सॉफ्ट ड्रिंक इतने लिए जाते हैं कि पोषण मिलता ही नहीं।
- नए-नए हेयर कलर और बाज़ार में “हर्बल” के नाम पर मिलने वाले मेहंदी के पैकेट में डाई ऐसे मिलाई जाती है कि बचे काले बाल भी आसानी से सफ़ेद हो जाएँ, साथ में त्वचा की तकलीफ़ और कभी आँखों को नुकसान भी। जागरूकता की कमी और देखा-देखी भी प्रमुख कारण हैं।
- बाल सफ़ेद होने से रोकने के लिए सबसे पहले इन सभी कारणों से बाहर निकलना ज़रूरी है। इसके अलावा दूध, हरी सब्ज़ियाँ और फल भरपूर लेना लाभदायक है।
- अचार, खमीर वाली चीज़ें, सोडा, कोल्ड ड्रिंक और मैदे की चीज़ें न खाएँ।
- रात्रि जागरण और दिन की नींद बंद करें।
- अधिक तनाव या गुस्से वाला स्वभाव भी इसका कारण है।
औषधियों की योजना इस प्रकार करें (बच्चे के लिए मात्रा कम-ज़्यादा करनी होगी – रूबरू परामर्श सबसे अच्छा है):
- सप्तामृत लौह 2 गोली दिन में दो बार
- भृंगराज घनवटी 2 गोली दिन में दो बार
- अम्लपित्तहर टैबलेट 1 गोली दिन में दो बार
- हर्बल हेयर पैक (आँवला, भांगरा, नीलिनी, गुड़हल, कमल, गुलाब, कटसरैया आदि) सप्ताह में एक बार लगाएँ।
- आँवला, रीठा, शिकाकाई और कपूर कचरी से बना केमिकल-रहित शैम्पू ही इस्तेमाल करें।
- नीलीभृंगराज तेल या आमलक तेल नियमित लगाएँ।
- षड्बिंदु तेल से नस्य करें।
- शिरोधारा उपचार भी अधिक अच्छा परिणाम दे सकता है।
आयुर्वेद की पंचकर्म चिकित्सा भी लाभदायक होगी:
- नस्य कर्म
- शिरोधारा
ऐसे समय में नकारात्मक विचारों से दूर रहकर हमेशा सकारात्मक सोचें।
रोज़ सुबह टहलने जाएँ और योग, प्राणायाम तथा ध्यान करें तो जल्दी लाभ होगा।
योगासन:
- पश्चिमोत्तानासन
- चक्रासन
- पवनमुक्तासन
- प्राणायाम
नोट:
यहाँ दी गई सलाह सुरक्षा और हर जगह उपलब्धता के आधार पर दी गई है। हालाँकि, परिणाम दवा बनाने वाली कंपनी की गुणवत्ता पर निर्भर कर सकता है।
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वैद्य निकुल पटेल (बी.ए.एम.एस.)
307, तीसरी मंजिल, शालिन कॉम्प्लेक्स, फरकी लस्सी के ऊपर, कृष्णबाग चार रास्ता, मणिनगर, अहमदाबाद – 380008
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