नमस्ते
आपका दिन स्वस्थ रहे !!
डॉ. निकुल पटेल द्वारा संचालित आयुर्वेद के स्वास्थ्य जगत में आपका स्वागत है।
पेट से आवाज़ आना वैसे बहुत सामान्य बात है, फिर भी बार-बार आवाज़ आए तो ध्यान देना चाहिए।
- भोजन के बाद पाचन शुरू होने पर सबसे पहले कफ दोष, फिर पित्त दोष और अंत में वात दोष प्रभावी होता है।
- इसलिए पाचन की इस अंतिम अवस्था में पेट से आवाज़ (गड़गड़ाहट) आए तो वह वात के कारण है। केवल आवाज़ आती हो तो ज़्यादा चिंता की ज़रूरत नहीं।
- लेकिन आवाज़ के साथ पेट फूलना, भारीपन या दर्द हो तो गैस का उपचार ज़रूरी है।
- पाचन शक्ति बढ़ाने के लिए हल्का व्यायाम, चलना, योगासन और प्राणायाम नियमित करें।
- वात बढ़ाने वाले भोजन – मैदे की चीज़ें, बेकरी की चीज़ें और बेसन के फरसाण – बंद करें।
फिर भी तकलीफ़ हो तो निम्न दवाएँ शुरू कर सकते हैं:
- हिंग्वाष्टक चूर्ण 1 चम्मच दिन में दो बार भोजन के बाद
- लसुनादि वटी 2 गोली दिन में दो बार भोजन के बाद
आयुर्वेद की पंचकर्म चिकित्सा भी लाभदायक होगी:
- विरेचन कर्म
- बस्ति कर्म
ऐसे समय में नकारात्मक विचारों से दूर रहकर हमेशा सकारात्मक सोचें।
रोज़ सुबह टहलने जाएँ और योग, प्राणायाम तथा ध्यान करें तो जल्दी लाभ होगा।
बेहतर परिणाम के लिए नियमित रूप से करें:
- पश्चिमोत्तानासन
- चक्रासन
- पवनमुक्तासन
- प्राणायाम
नोट:
यहाँ दी गई सलाह सुरक्षा और हर जगह उपलब्धता के आधार पर दी गई है। हालाँकि, परिणाम दवा बनाने वाली कंपनी की गुणवत्ता पर निर्भर कर सकता है।
हमारे पास अच्छी गुणवत्ता की दवाएँ भी उपलब्ध हैं। हम दवाएँ गैर-व्यावसायिक आधार पर बनाते हैं और केवल अपने क्लिनिक से ही भेजते हैं। कोई भी व्यक्ति हमारे यहाँ से शुद्ध दवाएँ ले जा सकता है या कूरियर द्वारा दुनिया भर में मँगवा सकता है (कूरियर शुल्क अलग)। ऑनलाइन परामर्श द्वारा दवा पाने के लिए ईमेल या व्हाट्सएप मैसेज करें।
वैद्य निकुल पटेल (बी.ए.एम.एस.)
307, तीसरी मंजिल, शालिन कॉम्प्लेक्स, फरकी लस्सी के ऊपर, कृष्णबाग चार रास्ता, मणिनगर, अहमदाबाद – 380008
समय: सुबह 10:00 से 1:00 और दोपहर 3:00 से 6:30 | शनि–रवि: बंद
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