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मेरी पत्नी के, काख मे सफेद निसान हो गया है,बढते जा रहा है। कृप्या उपचार बताए?

नमस्ते

आपका दिन स्वस्थ रहे !!

डॉ. निकुल पटेल द्वारा संचालित आयुर्वेद के स्वास्थ्य जगत में आपका स्वागत है।

आपकी समस्या के अनुसार आपकी पत्नी की उम्र 25 वर्ष है और उनकी बगल (काख) में सफ़ेद निशान हुआ है जो बढ़ता जा रहा है।

बगल में सफ़ेद निशान के मुख्य दो कारण हो सकते हैं:

  1. फंगल इन्फेक्शन (टीनिया वर्सिकलर / सिध्म कुष्ठ) – पसीना, नमी और गर्मी वाली जगह (जैसे बगल) में बहुत आम है। इसमें हल्के सफ़ेद या भूरे-सफ़ेद, बारीक पपड़ी वाले धब्बे होते हैं, कभी हल्की खुजली होती है।
  2. श्वित्र (विटिलिगो / ल्यूकोडर्मा) – इसमें त्वचा का रंग पूरी तरह चला जाता है, दूध जैसा सफ़ेद, बिना पपड़ी और बिना खुजली का निशान होता है जो धीरे-धीरे फैलता है।

दोनों का उपचार अलग है, इसलिए पहले सही निदान ज़रूरी है। एक बार त्वचा रोग विशेषज्ञ या हमें रूबरू / फ़ोटो के साथ ऑनलाइन दिखाएँ (Wood’s lamp जाँच से तुरंत पता चल जाता है)। निशान की स्पष्ट फ़ोटो भेजने से भी हम सही मार्गदर्शन दे सकते हैं।

आयुर्वेद की दृष्टि से दोनों ही स्थिति में रक्त और पित्त-कफ दोष की विकृति, विरुद्ध आहार और पाचन की कमज़ोरी मुख्य कारण माने जाते हैं।

निदान होने तक निम्न औषधियाँ 2-3 महीने शुरू कर सकते हैं:

  1. आरोग्यवर्धिनी वटी – 2 गोली सुबह-शाम
  2. गंधक रसायन – 2 गोली सुबह-शाम
  3. महामंजिष्ठादि क्वाथ – 15 मिली सुबह-शाम बराबर पानी के साथ
  4. खदिरारिष्ट – 15 मिली सुबह-शाम भोजन के बाद बराबर पानी के साथ

बाहरी उपचार:

  • यदि पपड़ी / खुजली वाला (फंगल) हो: नहाने के बाद जगह अच्छी तरह सुखाकर दिन में 2 बार चक्रमर्द (पवाड़) तेल या करंज तेल लगाएँ।
  • यदि बिना पपड़ी, दूध जैसा सफ़ेद (श्वित्र) हो: बाकुची तेल वैद्य की सलाह से ही लगाएँ (यह तेज़ होता है, सीधे धूप में फफोले हो सकते हैं)।

ध्यान रखें:

  • बगल को सूखा और साफ़ रखें, सूती ढीले कपड़े पहनें, पसीना आए तो तुरंत पोंछें।
  • डियोड्रेंट / परफ़्यूम सीधे निशान पर न लगाएँ।
  • अपना तौलिया-कपड़े अलग रखें।

आहार:

  • विरुद्ध आहार बिल्कुल बंद करें – दूध के साथ नमक, खट्टा, फल, मछली; दही के साथ गुड़ आदि।
  • दही, खट्टा, खमीर वाला, तला हुआ, बहुत तीखा, बेकरी और जंक फ़ूड कम करें।
  • हरी सब्ज़ियाँ, करेला, मूँग, आँवला अधिक लें।

पंचकर्म (श्वित्र निदान हो तो विशेष उपयोगी): विरेचन कर्म, रक्तमोक्षण।

आप ऐसे समय पर नेगेटिव विचारों से दूर रहकर नित्य पॉज़िटिव सोच बनाए रखें। यह छूत की बीमारी नहीं है (श्वित्र हो तब भी), इसलिए चिंता न करें।

नोट:

यहाँ दी गई सलाह सुरक्षा और हर जगह उपलब्धता के आधार पर दी गई है। हालाँकि, परिणाम दवा बनाने वाली कंपनी की गुणवत्ता पर निर्भर कर सकता है।

हमारे पास अच्छी गुणवत्ता की दवाएँ भी उपलब्ध हैं। हम दवाएँ गैर-व्यावसायिक आधार पर बनाते हैं और केवल अपने क्लिनिक से ही भेजते हैं। कोई भी व्यक्ति हमारे यहाँ से शुद्ध दवाएँ ले जा सकता है या कूरियर द्वारा दुनिया भर में मँगवा सकता है (कूरियर शुल्क अलग)। ऑनलाइन परामर्श द्वारा दवा पाने के लिए ईमेल या व्हाट्सएप मैसेज करें।

VN

वैद्य निकुल पटेल (बी.ए.एम.एस.)

आयुर्वेद कंसल्टेंट
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अथर्व आयुर्वेद क्लिनिक और पंचकर्म सेंटर
307, तीसरी मंजिल, शालिन कॉम्प्लेक्स, फरकी लस्सी के ऊपर, कृष्णबाग चार रास्ता, मणिनगर, अहमदाबाद – 380008
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महत्वपूर्ण सूचना: इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है, और यह किसी भी रोग के निदान या चिकित्सा उपचार का विकल्प नहीं है। कृपया कोई भी उपचार शुरू करने से पहले किसी विशेषज्ञ आयुर्वेदिक वैद्य की सलाह अवश्य लें।
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