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36 की उम्र में एंग्ज़ायटी के साथ बीपी, गैस और कब्ज़

नमस्कार सर, मेरी उम्र 36 वर्ष है। मुझे लंबे समय से एंग्ज़ायटी की समस्या है जिसके कारण बीपी बढ़ जाता है, और कब्ज़ व गैस की समस्या रहती है। बाहर जाने में डर लगता है, वज़न भी बढ़ गया है। सिर में बाईं तरफ़ कभी-कभी कुछ समय के लिए दर्द रहता है। मानसिक समस्या का उपचार चल रहा है। गैस अधिक रहती है। शंख वटी लेता हूँ। उचित उपचार बताएँ। धन्यवाद।

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नमस्ते

आपका दिन स्वस्थ रहे !!

डॉ. निकुल पटेल द्वारा संचालित आयुर्वेद के स्वास्थ्य जगत में आपका स्वागत है।

आपकी समस्या के अनुसार आपकी उम्र 36 वर्ष है। आपको लंबे समय से एंग्ज़ायटी (घबराहट) रहती है, उससे बीपी बढ़ जाता है, साथ में कब्ज़ और गैस, बाहर जाने में डर, वज़न बढ़ना और कभी सिर के बाएँ भाग में दर्द रहता है।

आयुर्वेद की दृष्टि से ये सभी तकलीफ़ें आपस में जुड़ी हैं। मन में चिंता और घबराहट रहे तो वात और पित्त बिगड़ते हैं, जिससे पाचन कमज़ोर होता है, गैस और कब्ज़ होती है, और पेट में गैस भरने पर घबराहट और बीपी भी बढ़ते हैं। इसलिए मन और पेट – दोनों का उपचार साथ करना ज़रूरी है।

विशेष नोट: आपकी मानसिक समस्या का जो उपचार चल रहा है, वह डॉक्टर की सलाह के बिना बंद न करें। बीपी नियमित नापते रहें। नीचे की आयुर्वेदिक दवाएँ साथ में ली जा सकती हैं।

निम्न औषधियाँ 3 महीने जारी रखें और फिर एक बार संपर्क करें ताकि आगे का विचार किया जा सके।

  1. ब्राह्मी वटी – 1 गोली सुबह-शाम पानी के साथ
  2. मेध्य रसायन टैबलेट – 2 गोली सुबह-शाम
  3. अश्वगंधा चूर्ण – आधा चम्मच रात को गुनगुने दूध के साथ
  4. शंख वटी – 2 गोली भोजन के बाद (अभी जो ले रहे हैं वह जारी रखें)
  5. एरंड-भृष्ट हरीतकी चूर्ण – 1 चम्मच रात को सोते समय गुनगुने पानी के साथ

पंचकर्म – आयुर्वेद की पंचकर्म चिकित्सा भी लाभदायक होगी:

  1. विरेचन कर्म
  2. बस्ति कर्म
  3. शिरोधारा (एंग्ज़ायटी और सिरदर्द में खास उपयोगी)

आहार –

  • बाज़ार के नाश्ते बंद करें और ताज़ा व हल्का भोजन लें।
  • अधिक तीखा, नमकीन, खट्टा, तला और खमीर वाला न लें।
  • चाय-कॉफ़ी कम करें; रात को देर से भोजन न करें।
  • भोजन के बाद 5 मिनट वज्रासन में बैठें।

योग – प्राणायाम – ऐसे समय में नकारात्मक विचारों से दूर रहकर हमेशा सकारात्मक सोचें। रोज़ सुबह 30 मिनट टहलें और योग, प्राणायाम व ध्यान करें तो जल्दी लाभ होगा।

  1. अनुलोम-विलोम प्राणायाम
  2. भ्रामरी प्राणायाम
  3. पवनमुक्तासन
  4. शवासन
  5. ध्यान – रोज़ 10 मिनट

नोट:

यहाँ दी गई सलाह सुरक्षा और हर जगह उपलब्धता के आधार पर दी गई है। हालाँकि, परिणाम दवा बनाने वाली कंपनी की गुणवत्ता पर निर्भर कर सकता है।

हमारे पास अच्छी गुणवत्ता की दवाएँ भी उपलब्ध हैं। हम दवाएँ गैर-व्यावसायिक आधार पर बनाते हैं और केवल अपने क्लिनिक से ही भेजते हैं। कोई भी व्यक्ति हमारे यहाँ से शुद्ध दवाएँ ले जा सकता है या कूरियर द्वारा दुनिया भर में मँगवा सकता है (कूरियर शुल्क अलग)। ऑनलाइन परामर्श द्वारा दवा पाने के लिए ईमेल या व्हाट्सएप मैसेज करें।

VN

वैद्य निकुल पटेल (बी.ए.एम.एस.)

आयुर्वेद कंसल्टेंट
Atharva Ayurveda Clinic Logo
अथर्व आयुर्वेद क्लिनिक और पंचकर्म सेंटर
307, तीसरी मंजिल, शालिन कॉम्प्लेक्स, फरकी लस्सी के ऊपर, कृष्णबाग चार रास्ता, मणिनगर, अहमदाबाद – 380008
समय: सुबह 10:00 से 1:00 और दोपहर 3:00 से 6:30 | शनि–रवि: बंद
📍 क्लिनिक का Location — Google Maps
आयुर्वेद वेबसाइट्स: Hindi Website | Hindi Q&A
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महत्वपूर्ण सूचना: इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है, और यह किसी भी रोग के निदान या चिकित्सा उपचार का विकल्प नहीं है। कृपया कोई भी उपचार शुरू करने से पहले किसी विशेषज्ञ आयुर्वेदिक वैद्य की सलाह अवश्य लें।
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