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भोज में पहले कौर में मिठाई क्यों? आयुर्वेद क्या कहता है?

शादी या छोटे-बड़े अवसरों पर भोज रखा जाता है, और उसमें तरह-तरह के व्यंजन परोसे जाते हैं। मैंने देखा है कि छोटे बच्चों से लेकर बुज़ुर्गों तक कई लोग पहले ही कौर में मिठाई खाते हैं।

यह परंपरा क्यों है? क्या भोजन की शुरुआत मिठाई से करना स्वास्थ्य के लिए अच्छा है? आयुर्वेद भोजन में व्यंजनों के क्रम के बारे में क्या कहता है? डायबिटीज़ या वज़न की तकलीफ हो तो क्या ध्यान रखें?

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नमस्ते

आपका दिन स्वस्थ रहे !!

डॉ. निकुल पटेल द्वारा संचालित आयुर्वेद के स्वास्थ्य जगत में आपका स्वागत है।

सीधा उत्तर: आयुर्वेद में भोजन की शुरुआत में मधुर (मीठा) रस लेने का वर्णन है, क्योंकि वह भारी होता है और भूख तीव्र होने पर अच्छी तरह पचता है। पर यह “थोड़ी मात्रा” के लिए है। डायबिटीज़, ज़्यादा वज़न या कफ की तकलीफ वाले लोग मिठाई बहुत कम लें।

आयुर्वेद की दृष्टि

आयुर्वेद के अनुसार भोजन में छह रस (स्वाद) होते हैं: मधुर, अम्ल (खट्टा), लवण (नमकीन), कटु (तीखा), तिक्त (कड़वा), कषाय (कसैला)। कुछ ग्रंथ भोजन का क्रम भी बताते हैं: शुरुआत में मधुर और भारी, बीच में खट्टा-नमकीन, और अंत में तीखा-कड़वा-कसैला तथा हल्का। कारण यह कि भोजन की शुरुआत में अग्नि (पाचन शक्ति) सबसे तीव्र होती है, जो भारी द्रव्य पचा सकती है। मधुर रस वात शांत करता है और मन को संतोष देता है।

भोजन की शुरुआत में घी-चावल का कौर लेने की पुरानी प्रथा भी इसी सिद्धांत पर आधारित है।

सावधानी

  • आज की मिठाइयां चीनी, मैदे से बनी और तली होने से बहुत भारी हैं; “थोड़ी” का अर्थ सचमुच थोड़ी।
  • भोज में एक साथ कई मिठाइयां, नमकीन और भारी व्यंजन लेने से अपच, एसिडिटी और आलस होता है।
  • डायबिटीज़ हो तो शुरुआत सलाद, दाल या सब्ज़ी से करना बेहतर; मिठाई टालें या बहुत छोटी मात्रा।

स्वस्थ भोज के लिए सुझाव

  • भूख का लगभग तीन हिस्सा ही खाएं; पेट ठूंसकर नहीं।
  • शांति से बैठकर, चबाकर खाएं।
  • खाने के बाद थोड़ा टहलें; तुरंत नींद नहीं।
  • खाने के बाद छाछ (दिन में) पाचन के लिए अच्छी।

औषधि

भारी भोज के बाद अपच हो तो आयुर्वेद में हिंग्वाष्टक चूर्ण या अदरक-नींबू जैसे पाचक उपाय उपयोगी माने जाते हैं। सही दवा, मात्रा और समय आपकी स्थिति की जांच के बाद वैद्य तय करेंगे।

डॉक्टर को कब दिखाएं?

  • खाने के बाद बार-बार सीने में जलन या दर्द
  • डायबिटीज़ में भोज के बाद शुगर बहुत बढ़ना
  • उल्टी, पेट में तीव्र दर्द

संबंधित प्रश्न

भोजन में छह रस क्यों ज़रूरी?

आयुर्वेद के अनुसार छह रस शरीर और मन का संतुलित पोषण करते हैं।

क्या खाने के बाद मिठाई खाना सही है?

आयुर्वेद के अनुसार भारी मिठाई अंत में लेने से पाचन और भारी होता है; थोड़ी और शुरुआत में ज़्यादा उचित।

डायबिटीज़ में भोज में क्या खाएं?

सलाद, दाल, सब्ज़ी और रोटी; मिठाई, चावल और तला बहुत कम।

संक्षेप में: आयुर्वेद के अनुसार भोजन की शुरुआत में थोड़ा मधुर रस लेना उचित है, क्योंकि तब पाचन शक्ति तीव्र होती है। पर आज की भारी मिठाई बहुत थोड़ी लें; डायबिटीज़ या ज़्यादा वज़न में शुरुआत सलाद-दाल से करना बेहतर।

आप आहार के बारे में अधिक मार्गदर्शन के लिए सलाह ले सकते हैं।


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वैद्य निकुल पटेल (बी.ए.एम.एस.)

आयुर्वेद कंसल्टेंट
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अथर्व आयुर्वेद क्लिनिक और पंचकर्म सेंटर
307, तीसरी मंजिल, शालिन कॉम्प्लेक्स, फरकी लस्सी के ऊपर, कृष्णबाग चार रास्ता, मणिनगर, अहमदाबाद – 380008
समय: सुबह 10:00 से 1:00 और दोपहर 3:00 से 6:30 | शनि–रवि: बंद
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महत्वपूर्ण सूचना: इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है, और यह किसी भी रोग के निदान या चिकित्सा उपचार का विकल्प नहीं है। कृपया कोई भी उपचार शुरू करने से पहले किसी विशेषज्ञ आयुर्वेदिक वैद्य की सलाह अवश्य लें।
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