मेरी हड्डियां बहुत कमज़ोर हैं। कुछ समय पहले मैं सामान्य रूप से गिर गया और दोनों ओर की पसलियों की हड्डी में दरार (क्रैक) पड़ गई। डॉक्टर ने आराम और दर्द की दवा दी है।
सामान्य गिरने से दरार पड़े, इसलिए मुझे चिंता है कि हड्डियां और कमज़ोर तो नहीं? दरार जल्दी जुड़े और हड्डियां मज़बूत हों इसके लिए आयुर्वेद में क्या उपाय है? आहार में क्या लें? कौन सी जांच कराएं?
नमस्ते
आपका दिन स्वस्थ रहे !!
डॉ. निकुल पटेल द्वारा संचालित आयुर्वेद के स्वास्थ्य जगत में आपका स्वागत है।
सीधा उत्तर: 23 साल के बाद सामान्यतः हड्डियों का विकास पूरा हो जाता है, इसलिए लंबाई खास नहीं बढ़ती। पर अच्छी मुद्रा (पोस्चर) से थोड़ी ज़्यादा लंबाई दिखती है। वज़न बढ़ाना संभव है: पहले कारण जांचें, फिर पौष्टिक आहार, पाचन सुधार और व्यायाम से धीरे-धीरे वज़न बढ़ता है।
समस्या की समझ
कम वज़न के कारणों में आनुवंशिकता, तेज़ चयापचय, कम या अनियमित आहार, कृमि, थायरॉइड, डायबिटीज़, पाचन की तकलीफ या तनाव हो सकते हैं। “खाने के बावजूद वज़न न बढ़े” तो जांच खास ज़रूरी है।
आयुर्वेद की दृष्टि
आयुर्वेद में बहुत दुबलेपन को कार्श्य कहते हैं। चरक संहिता कहती है कि वात बढ़ने से, कम और सूखे आहार से, रात को जागने, चिंता और अति श्रम से शरीर की धातुओं (खासकर रस और मांस) को पर्याप्त पोषण नहीं मिलता। इलाज में बृंहण (शरीर को पोषण देकर भरा-पूरा बनाना) और अग्नि सुधार मुख्य हैं।
व्यावहारिक उपाय
- CBC, थायरॉइड, शुगर और स्टूल (कृमि) जांच, डॉक्टर की सलाह से।
- दिन में 3 भोजन और 2-3 पौष्टिक नाश्ते; भोजन न छोड़ें।
- हफ्ते में 3-4 दिन वज़न के साथ व्यायाम (मांसपेशियां बढ़ाने के लिए)।
- 7-8 घंटे नींद, तनाव कम।
- लंबा दिखने के लिए सीधी मुद्रा; ताड़ासन, भुजंगासन।
आहार
- दूध, घी संतुलित मात्रा में, पनीर, दही (दिन में), केला, खजूर, अंजीर, बादाम, मूंगफली।
- दाल, मूंग, चना, चावल, गेहूं; आलू-शकरकंद।
- जंक फूड से स्वस्थ वज़न नहीं, चर्बी और अपच बढ़ते हैं; इससे बचें।
औषधि और पंचकर्म
आयुर्वेद में अश्वगंधा, शतावरी, विदारीकंद जैसे बृंहण द्रव्य और भूख-पाचन के लिए दीपन औषधियां उपयोगी मानी जाती हैं। नियमित अभ्यंग (तेल मालिश) वात शांत करता है। सही दवा, मात्रा और समय आपकी स्थिति की जांच के बाद वैद्य तय करेंगे। वज़न बढ़ाने के विज्ञापन वाले पाउडर या गोली में कभी छिपे स्टेरॉयड होते हैं; उनसे बचें।
डॉक्टर को कब दिखाएं?
- खाने के बावजूद वज़न घटता जाए
- बार-बार दस्त, पेट में दर्द
- ज़्यादा प्यास, ज़्यादा पेशाब, धड़कन बढ़ना
- लगातार उदासी या खाने का मन न होना
संबंधित प्रश्न
क्या 23 साल के बाद लंबाई बढ़ सकती है?
सामान्यतः खास नहीं; अच्छी मुद्रा से लंबाई ज़्यादा दिखती है।
क्या वज़न बढ़ाने के पाउडर सुरक्षित हैं?
कुछ में छिपे स्टेरॉयड हो सकते हैं; डॉक्टर की सलाह के बिना न लें।
कार्श्य क्या है?
आयुर्वेद में बहुत ज़्यादा दुबलेपन की स्थिति, जिसमें धातुओं को पर्याप्त पोषण नहीं मिलता।
संक्षेप में: 23 साल के बाद लंबाई सामान्यतः खास नहीं बढ़ती, पर वज़न बढ़ाया जा सकता है। पहले थायरॉइड, शुगर, कृमि जैसी जांच, फिर पौष्टिक आहार, व्यायाम, नींद और आयुर्वेदिक बृंहण देखभाल मददगार हैं।
आप प्रत्यक्ष या ऑनलाइन सलाह ले सकते हैं।
वैद्य निकुल पटेल (बी.ए.एम.एस.)
307, तीसरी मंजिल, शालिन कॉम्प्लेक्स, फरकी लस्सी के ऊपर, कृष्णबाग चार रास्ता, मणिनगर, अहमदाबाद – 380008
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