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परीक्षा से पहले विद्यार्थी को कब्ज़ और एसिडिटी

मैं C.A. फ़ाइनल का विद्यार्थी हूँ, उम्र 23 वर्ष। पिछले 10-12 वर्षों से कब्ज़ की तकलीफ़ है। मेरा स्वभाव संकोची और एकांतप्रिय है। पिछले एक साल से पेट की कई समस्याएँ – गैस, एसिडिटी, अपच और कब्ज़ – रोज़ की बात हैं। मैं सप्ताह में लगभग पाँच दिन 20 मिनट प्राणायाम करता हूँ। परीक्षा में दो महीने बचे हैं और मैं रोज़ 12-13 घंटे पढ़ता हूँ, पर इन समस्याओं के कारण ज़्यादा काम नहीं कर पाता। एक महीने पहले गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट ने रात के भोजन के बाद टहलने की सलाह दी और ईसबगोल व अन्य दवाएँ दीं; उन्होंने कहा पाचन की समस्या है। मेरा वज़न केवल 46 किलो है – डेढ़ साल में 8 किलो घटा है। सभी रिपोर्ट, सोनोग्राफ़ी और एक्स-रे सामान्य हैं। यह मेरे करियर का बहुत नाज़ुक समय है। कृपया बताएँ कि इन 90 दिनों में इन समस्याओं से कैसे निकलूँ ताकि पढ़ाई पर ध्यान दे सकूँ।

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नमस्ते

आपका दिन स्वस्थ रहे !!

डॉ. निकुल पटेल द्वारा संचालित आयुर्वेद के स्वास्थ्य जगत में आपका स्वागत है।

आपकी समस्या के अनुसार आपको गैस, एसिडिटी, अपच और पेट की समस्याएँ हैं जिनसे कब्ज़ भी रहती है। कब्ज़ के कारण आपका ध्यान हमेशा पेट पर रहता है, जो आपको चिंतित करता है। आपने कई डॉक्टरों को दिखाया, भोजन के बाद टहलते हैं, वज़न घटा है, ईसबगोल और अन्य दवाओं से फ़र्क नहीं पड़ा और सभी रिपोर्ट सामान्य हैं – इसलिए परीक्षा के तनाव के साथ आपका तनाव भी बढ़ गया है।

इन समस्याओं से निकलने के लिए सबसे महत्वपूर्ण है अपनी पाचन शक्ति बढ़ाना। इन बातों का ध्यान रखें:

  1. नियमित रूप से सुबह जल्दी उठें और कम से कम 20-25 मिनट तेज़ चलें।
  2. 15 मिनट प्राणायाम करें।
  3. नियमित भोजन करें।
  4. जितना समय पर सोएँगे, समय पर खाएँगे और समय पर जल्दी उठेंगे, उतना बेहतर पाचन बैठेगा।

परीक्षा हो या न हो, 6-7 घंटे नियमित नींद ज़रूर लें। परीक्षा के नाम पर रात को जागकर दिन में न सोएँ; रात को सोएँ, सुबह जल्दी उठकर पढ़ें और रात को जल्दी सोएँ। इतने से ही आपकी समस्या काफ़ी हल्की हो जाएगी।

एक और बहुत महत्वपूर्ण बात: मन से यह निकाल दें कि आपको कोई गंभीर बीमारी है। यह केवल पाचन की समस्या है और उसी से ये सब तकलीफ़ें हो रही हैं, जिन्हें आयुर्वेदिक दवा से सुधारा जा सकता है। 8 किलो वज़न घटा है, इसलिए अपने गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट को सूचित रखें।

निम्न दवाएँ 5-6 महीने जारी रखें और फिर एक बार संपर्क करें:

  1. चित्रकादि वटी 2 गोली दिन में दो बार भोजन के बाद
  2. अविपत्तिकर टैबलेट 2 गोली दिन में दो बार
  3. लवण भास्कर चूर्ण 1 चम्मच भोजन के बाद छाछ के साथ
  4. मेध्य रसायन टैबलेट 2 गोली दिन में दो बार
  5. गैस्ट्रोन सिरप 10 मिली अच्छी तरह हिलाकर दिन में तीन बार
  6. एरंड भृष्ट हरीतकी चूर्ण 1 चम्मच रात को सोते समय गुनगुने पानी के साथ

आहार:

  • बाज़ार के नाश्ते बंद करें और ताज़ा व हल्का भोजन लें
  • अधिक तीखा, नमकीन और खट्टा न लें
  • अचार और खमीर वाली चीज़ें न लें

आयुर्वेद की पंचकर्म चिकित्सा भी लाभदायक होगी:

  1. विरेचन कर्म
  2. बस्ति कर्म
  3. शिरोधारा

ऐसे समय में नकारात्मक विचारों से दूर रहकर हमेशा सकारात्मक सोचें।

रोज़ सुबह टहलने जाएँ और योग, प्राणायाम तथा ध्यान करें तो जल्दी लाभ होगा।

बेहतर परिणाम के लिए नियमित रूप से करें:

  1. पश्चिमोत्तानासन
  2. चक्रासन
  3. पवनमुक्तासन
  4. प्राणायाम

नोट:

यहाँ दी गई सलाह सुरक्षा और हर जगह उपलब्धता के आधार पर दी गई है। हालाँकि, परिणाम दवा बनाने वाली कंपनी की गुणवत्ता पर निर्भर कर सकता है।

हमारे पास अच्छी गुणवत्ता की दवाएँ भी उपलब्ध हैं। हम दवाएँ गैर-व्यावसायिक आधार पर बनाते हैं और केवल अपने क्लिनिक से ही भेजते हैं। कोई भी व्यक्ति हमारे यहाँ से शुद्ध दवाएँ ले जा सकता है या कूरियर द्वारा दुनिया भर में मँगवा सकता है (कूरियर शुल्क अलग)। ऑनलाइन परामर्श द्वारा दवा पाने के लिए ईमेल या व्हाट्सएप मैसेज करें।

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वैद्य निकुल पटेल (बी.ए.एम.एस.)

आयुर्वेद कंसल्टेंट
Atharva Ayurveda Clinic Logo
अथर्व आयुर्वेद क्लिनिक और पंचकर्म सेंटर
307, तीसरी मंजिल, शालिन कॉम्प्लेक्स, फरकी लस्सी के ऊपर, कृष्णबाग चार रास्ता, मणिनगर, अहमदाबाद – 380008
समय: सुबह 10:00 से 1:00 और दोपहर 3:00 से 6:30 | शनि–रवि: बंद
📍 क्लिनिक का Location — Google Maps
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महत्वपूर्ण सूचना: इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है, और यह किसी भी रोग के निदान या चिकित्सा उपचार का विकल्प नहीं है। कृपया कोई भी उपचार शुरू करने से पहले किसी विशेषज्ञ आयुर्वेदिक वैद्य की सलाह अवश्य लें।
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