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75 वर्ष की उम्र में 16 साल से गैस की गंभीर समस्या

सर, मुझे 16 साल से गैस की समस्या है और मेरी उम्र 75 वर्ष है। तीन बार पूरी एंडोस्कोपी करवाई है और मुंबई के चार बड़े डॉक्टरों को दिखाया है; गैस्ट्राइटिस और GERD का निदान हुआ है। रोज़ सुबह से गैस शुरू हो जाती है, भोजन के बाद पेट बहुत भारी हो जाता है, लगातार डकार आती है, पेट फूलता है और ज़ोर-ज़ोर से साँस लेनी पड़ती है। भोजन में बहुत नियमित हूँ और त्रिफला लेता हूँ, फिर भी कभी पेट साफ़ होता है तो कभी कब्ज़ हो जाती है। पेट का बायाँ भाग दाएँ से अधिक उभरा है और सोनोग्राफ़ी में गैस को कारण बताया गया है। होम्योपैथी और आयुर्वेदिक उपचार भी लिया पर कोई फ़र्क नहीं पड़ा। थोड़ी हायटस हर्निया है; कभी-कभी लेटते समय खाना ऊपर आता है। दो-तीन लाख रुपये खर्च कर चुका हूँ, कोई फ़र्क नहीं। एंडोस्कोपी में कोई अल्सर या कैंसर नहीं आया। पेट में दाईं ओर नीचे थोड़ा दर्द रहता है। पाचन बिल्कुल नहीं होता – सुबह का खाया रात को पचता है। ज़िंदगी से तंग आ गया हूँ। आँख में हल्का मोतियाबिंद है, दिव्य उदरामृत वटी और BP की गोली लेता हूँ। कृपया उपाय बताएँ।

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नमस्ते

आपका दिन स्वस्थ रहे !!

डॉ. निकुल पटेल द्वारा संचालित आयुर्वेद के स्वास्थ्य जगत में आपका स्वागत है।

आपकी समस्या समझी। आयुर्वेद की दृष्टि से यह अग्निमांद्य के बाद उत्पन्न अजीर्ण की स्थिति है और न पचे भोजन से बनने वाली गैस ऊपर की ओर गति करती है। इसे अलसक/विष्टब्धाजीर्ण भी कह सकते हैं।

आयुर्वेदिक दवाएँ लंबे समय तक ली जाएँ तो 100% ठीक हो जाए ऐसा तो नहीं, पर काफ़ी हद तक लाभ ज़रूर हो सकता है।

आपके लिए सबसे अच्छी सलाह यही है कि पास के किसी आयुर्वेदिक क्लिनिक में नियमित जाँच के साथ उपचार कराएँ, क्योंकि इसमें बार-बार दवा बदलनी पड़ेगी। चाहें तो हमारे यहाँ से भी दवा शुरू कर सकते हैं; एक बार स्वयं आना बेहतर है, उसके बाद कूरियर से भी दवा मँगवा सकते हैं। धैर्य रखकर लंबे समय तक उपचार ज़रूरी है, इसी मानसिक तैयारी के साथ उपचार शुरू करें। BP की दवा डॉक्टर की सलाह अनुसार जारी रखें।

निम्न दवाएँ दो महीने जारी रखें और फिर एक बार संपर्क करें:

  1. चित्रकादि वटी 2 गोली दिन में दो बार भोजन के बाद
  2. अविपत्तिकर टैबलेट 2 गोली दिन में दो बार
  3. शिवाक्षार पाचन चूर्ण 1 चम्मच भोजन के बाद छाछ के साथ
  4. प्रवाल पंचामृत टैबलेट 1 गोली दिन में दो बार
  5. अभयारिष्ट 10 मिली अच्छी तरह हिलाकर दिन में तीन बार भोजन के बाद

आहार:

  • सुबह उठकर चलें और हल्का व्यायाम करें
  • बाज़ार के नाश्ते बंद करें और ताज़ा व हल्का भोजन लें
  • बेकरी की चीज़ें न लें
  • भोजन के बाद नियमित पतली छाछ पिएँ
  • अधिक तीखा, नमकीन और खट्टा न लें
  • अचार और खमीर वाली चीज़ें न लें

आयुर्वेद की पंचकर्म चिकित्सा भी लाभदायक होगी:

  1. विरेचन कर्म
  2. बस्ति कर्म

ऐसे समय में नकारात्मक विचारों से दूर रहकर हमेशा सकारात्मक सोचें। जल्दी लाभ के लिए योग, प्राणायाम और ध्यान करें। यदि कभी बहुत निराशा लगे या स्वयं को नुकसान पहुँचाने के विचार आएँ, तो तुरंत परिवार या डॉक्टर से बात करें।

बेहतर परिणाम के लिए नियमित रूप से करें:

  1. पश्चिमोत्तानासन
  2. चक्रासन
  3. पवनमुक्तासन
  4. प्राणायाम

नोट:

यहाँ दी गई सलाह सुरक्षा और हर जगह उपलब्धता के आधार पर दी गई है। हालाँकि, परिणाम दवा बनाने वाली कंपनी की गुणवत्ता पर निर्भर कर सकता है।

हमारे पास अच्छी गुणवत्ता की दवाएँ भी उपलब्ध हैं। हम दवाएँ गैर-व्यावसायिक आधार पर बनाते हैं और केवल अपने क्लिनिक से ही भेजते हैं। कोई भी व्यक्ति हमारे यहाँ से शुद्ध दवाएँ ले जा सकता है या कूरियर द्वारा दुनिया भर में मँगवा सकता है (कूरियर शुल्क अलग)। ऑनलाइन परामर्श द्वारा दवा पाने के लिए ईमेल या व्हाट्सएप मैसेज करें।

VN

वैद्य निकुल पटेल (बी.ए.एम.एस.)

आयुर्वेद कंसल्टेंट
Atharva Ayurveda Clinic Logo
अथर्व आयुर्वेद क्लिनिक और पंचकर्म सेंटर
307, तीसरी मंजिल, शालिन कॉम्प्लेक्स, फरकी लस्सी के ऊपर, कृष्णबाग चार रास्ता, मणिनगर, अहमदाबाद – 380008
समय: सुबह 10:00 से 1:00 और दोपहर 3:00 से 6:30 | शनि–रवि: बंद
📍 क्लिनिक का Location — Google Maps
आयुर्वेद वेबसाइट्स: Hindi Website | Hindi Q&A
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Arattai: Ayurveda

महत्वपूर्ण सूचना: इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है, और यह किसी भी रोग के निदान या चिकित्सा उपचार का विकल्प नहीं है। कृपया कोई भी उपचार शुरू करने से पहले किसी विशेषज्ञ आयुर्वेदिक वैद्य की सलाह अवश्य लें।
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