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बहरापन, कान में आवाज़ और सालभर सर्दी

नमस्ते सर। मेरे दाएँ कान में पाँच साल से बहरापन है, और अब बाएँ कान में भी शुरू हो गया है। दोनों कानों में लगातार तरह-तरह की आवाज़ें आती हैं। सालभर सर्दी ठीक नहीं होती; नाक बंद हो जाती है और साँस लेने में तकलीफ़ होती है। पढ़ाई याद नहीं रहती और सिरदर्द होता रहता है। मुंबई के एक जाने-माने डॉक्टर से कान के पर्दे का ऑपरेशन भी करवाया, पर फ़ायदा नहीं हुआ। अब पढ़ाई में बहुत कठिनाई होती है। कोई उपाय बताएँ – आप जैसा कहेंगे वैसा करूँगा।

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नमस्ते

आपका दिन स्वस्थ रहे !!

डॉ. निकुल पटेल द्वारा संचालित आयुर्वेद के स्वास्थ्य जगत में आपका स्वागत है।

आपकी समस्या के अनुसार आपको बहरापन है (आपने उम्र नहीं बताई)। शुरुआत दाएँ कान में थी और अब बाएँ में भी हो रही है, साथ में तरह-तरह की आवाज़ें भी आती हैं। लेकिन इन सबकी जड़ आपकी कभी न मिटने वाली पुरानी सर्दी है।

गले से ऊपर के रोगों और कान के रोगों – कान दर्द, कान से पस या स्राव, पर्दे में छेद, बहरापन और कान में आवाज़ – में सबसे महत्वपूर्ण कारण पुरानी सर्दी है। जिन्हें पुरानी सर्दी रहती है और उचित उपचार नहीं होता, उन्हें कान के रोग हमेशा रहते हैं।

आपके मामले में पुरानी सर्दी, साँस लेने में तकलीफ़ और नाक बंद होना है, और इन सबके कारण सिरदर्द भी होता है। एलोपैथी दवा लेने पर सर्दी कुछ समय के लिए ठीक होती है, पर ऋतु बदलने पर फिर बढ़ जाती है।

आपके कान और सर्दी दोनों रोगों का इलाज मूलतः एक ही है: पहले पुरानी सर्दी ठीक करनी होगी। वह ठीक हो जाए तो बाकी कान की तकलीफ़ें सुधारी जा सकेंगी। ENT डॉक्टर से नियमित फ़ॉलो-अप भी रखें।

निम्न दवाएँ 5-6 महीने जारी रखें और फिर एक बार संपर्क करें:

  1. व्योषादि वटी 2 गोली दिन में दो बार
  2. त्रिफला गुग्गुल 2 गोली दिन में दो बार
  3. कफकेतु रस 1 गोली दिन में दो बार
  4. सारिवादि वटी 2 गोली दिन में दो बार
  5. कोफ़ेंट सिरप 15 मिली अच्छी तरह हिलाकर दिन में तीन बार
  6. सुवर्ण वसंत मालती गोली सुबह शहद के साथ चाटें

आहार:

  • बाज़ार के नाश्ते बंद करें और ताज़ा व हल्का भोजन लें; अधिक तीखा, नमकीन और सभी खट्टी चीज़ें – दही, छाछ, टमाटर, कोकम, इमली – बंद करें
  • गुड़ बंद करें
  • फ्रिज का पानी और फ्रिज में रखी कोई चीज़ न लें
  • बासी भोजन, मैदे और बेकरी की चीज़ें जैसे ब्रेड, बिस्किट, पाव बिल्कुल न लें
  • सुबह 10 तुलसी के पत्ते 5 काली मिर्च के साथ चबाएँ
  • छाती पर हल्का सेंक करें
  • रात को जागरण न करें और दिन में देर तक न सोएँ
  • पानी या बारिश में अधिक न भीगें, पंखे की सीधी हवा से दूर रहें और AC बिल्कुल न चलाएँ

ऐसे समय में नकारात्मक विचारों से दूर रहकर हमेशा सकारात्मक सोचें।

रोज़ सुबह टहलने जाएँ और योग, प्राणायाम तथा ध्यान करें तो जल्दी लाभ होगा।

नोट:

यहाँ दी गई सलाह सुरक्षा और हर जगह उपलब्धता के आधार पर दी गई है। हालाँकि, परिणाम दवा बनाने वाली कंपनी की गुणवत्ता पर निर्भर कर सकता है।

हमारे पास अच्छी गुणवत्ता की दवाएँ भी उपलब्ध हैं। हम दवाएँ गैर-व्यावसायिक आधार पर बनाते हैं और केवल अपने क्लिनिक से ही भेजते हैं। कोई भी व्यक्ति हमारे यहाँ से शुद्ध दवाएँ ले जा सकता है या कूरियर द्वारा दुनिया भर में मँगवा सकता है (कूरियर शुल्क अलग)। ऑनलाइन परामर्श द्वारा दवा पाने के लिए ईमेल या व्हाट्सएप मैसेज करें।

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वैद्य निकुल पटेल (बी.ए.एम.एस.)

आयुर्वेद कंसल्टेंट
Atharva Ayurveda Clinic Logo
अथर्व आयुर्वेद क्लिनिक और पंचकर्म सेंटर
307, तीसरी मंजिल, शालिन कॉम्प्लेक्स, फरकी लस्सी के ऊपर, कृष्णबाग चार रास्ता, मणिनगर, अहमदाबाद – 380008
समय: सुबह 10:00 से 1:00 और दोपहर 3:00 से 6:30 | शनि–रवि: बंद
📍 क्लिनिक का Location — Google Maps
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महत्वपूर्ण सूचना: इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है, और यह किसी भी रोग के निदान या चिकित्सा उपचार का विकल्प नहीं है। कृपया कोई भी उपचार शुरू करने से पहले किसी विशेषज्ञ आयुर्वेदिक वैद्य की सलाह अवश्य लें।
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