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सोलह संस्कार क्या हैं, और क्या ऑनलाइन कोर्स है?

नमस्ते सर। सोलह संस्कार क्या हैं? इनकी जानकारी कहाँ मिल सकती है? क्या इसके लिए कोई कोर्स है? बाहर गाँव रहते हों तो क्या ऑनलाइन कोर्स कर सकते हैं? कब से कर सकते हैं और संपर्क कैसे करें? विस्तार से बताएँ।

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नमस्ते

आपका दिन स्वस्थ रहे !!

डॉ. निकुल पटेल द्वारा संचालित आयुर्वेद के स्वास्थ्य जगत में आपका स्वागत है।

भारतीय संस्कृति आदर्श समाज-जीवन की द्योतक है। आदर्श व्यक्ति, आदर्श परिवार और आदर्श समाज के साथ-साथ सांस्कृतिक मूल्यों का बीजारोपण पीढ़ी-दर-पीढ़ी हो, इसके लिए सतत जागरूक हमारी यह भारतीय संस्कृति है। आदर्श भारतीय जीवन-प्रणाली के पीछे राम-कृष्ण जैसे अवतारों और मनु से लेकर वशिष्ठ, वाल्मीकि, पराशर, विश्वामित्र, याज्ञवल्क्य जैसे तपोनिष्ठ ऋषियों का योगदान रहा है। आदर्श जीवन का आग्रह हर परिवार में था और उसका परिणाम व्यक्ति, परिवार और समाज में दिखता था। आज भी वह जीर्ण अवस्था में जीवित है, क्योंकि वे संस्कार हमारे गुणसूत्रों से निकल नहीं सकते।

इसीलिए जिनके मन में भारतीय संस्कृति के प्रति आदर है, संस्कारों का महत्व है और उन्हें पाने के लिए थोड़ा परिश्रम करने और मानसिक रूप से तैयार रहने की तैयारी है, ऐसे नवदंपतियों के लिए यह पोस्ट अर्पित करता हूँ।

हमारे धर्मग्रंथों में मनुष्य योनि में जन्म लेने वाले हर व्यक्ति पर होने वाले विविध संस्कारों का सुनियोजित वर्णन है और उनका स्पष्ट आग्रह भी है। जन्म से पहले – गर्भसंस्कार से शुरू होकर – मृत्यु तक के सभी संस्कार शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक तीनों पहलुओं को उजागर करते हैं। जो मनुष्य जन्म का महत्व समझते हैं और अगली पीढ़ी में संस्कार-सिंचन को महत्व देते हैं, ऐसे जागरूक पति-पत्नी के लिए हमारे ऋषियों ने यह पाथेय दिया है।

इनमें से कुछ संस्कारों के पीछे आयुर्वेद का स्वास्थ्य संबंधी विशेष दृष्टिकोण है, इसलिए इन्हें विस्तार से समझना हमारी प्राथमिक आवश्यकता है। संस्कारों की पद्धति, रिवाज और संख्या में क्षेत्र के अनुसार थोड़ा-बहुत अंतर हो सकता है, और इस दृष्टि से वे सोलह से अधिक भी हैं। संख्या में न उलझकर उनके हेतु, समझ और पद्धति पर ध्यान देना चाहिए।

हिंदू परंपरा के अनुसार मानव जीवन के सोलह संस्कार इस प्रकार हैं:

  1. गर्भाधान संस्कार
  2. पुंसवन संस्कार
  3. सीमंतोन्नयन संस्कार
  4. जातकर्म संस्कार
  5. नामकरण संस्कार
  6. निष्क्रमण संस्कार
  7. अन्नप्राशन संस्कार
  8. वपन (चूड़ाकर्म) संस्कार
  9. कर्णवेध संस्कार
  10. उपनयन संस्कार
  11. वेदारंभ संस्कार
  12. केशांत संस्कार
  13. समावर्तन संस्कार
  14. विवाह संस्कार
  15. विवाहाग्नि-परिग्रह संस्कार
  16. अग्नि (अंत्येष्टि) संस्कार
  • आप बाहर गाँव रहते हों तब भी हमारे ऑनलाइन कोर्स द्वारा सोलह संस्कार और खासकर गर्भसंस्कार का मार्गदर्शन पा सकते हैं। इसके लिए नीचे दिए संपर्क पर फ़ोन, ईमेल या व्हाट्सएप द्वारा संपर्क करें।
  • यह कोर्स गर्भधारण की योजना से लगभग दो महीने पहले शुरू करना सबसे अच्छा है; इसके अलावा गर्भावस्था में भी कभी भी शुरू कर सकते हैं।

नोट:

यहाँ दी गई सलाह सुरक्षा और हर जगह उपलब्धता के आधार पर दी गई है। हालाँकि, परिणाम दवा बनाने वाली कंपनी की गुणवत्ता पर निर्भर कर सकता है।

हमारे पास अच्छी गुणवत्ता की दवाएँ भी उपलब्ध हैं। हम दवाएँ गैर-व्यावसायिक आधार पर बनाते हैं और केवल अपने क्लिनिक से ही भेजते हैं। कोई भी व्यक्ति हमारे यहाँ से शुद्ध दवाएँ ले जा सकता है या कूरियर द्वारा दुनिया भर में मँगवा सकता है (कूरियर शुल्क अलग)। ऑनलाइन परामर्श द्वारा दवा पाने के लिए ईमेल या व्हाट्सएप मैसेज करें।

VN

वैद्य निकुल पटेल (बी.ए.एम.एस.)

आयुर्वेद कंसल्टेंट
Atharva Ayurveda Clinic Logo
अथर्व आयुर्वेद क्लिनिक और पंचकर्म सेंटर
307, तीसरी मंजिल, शालिन कॉम्प्लेक्स, फरकी लस्सी के ऊपर, कृष्णबाग चार रास्ता, मणिनगर, अहमदाबाद – 380008
समय: सुबह 10:00 से 1:00 और दोपहर 3:00 से 6:30 | शनि–रवि: बंद
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महत्वपूर्ण सूचना: इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है, और यह किसी भी रोग के निदान या चिकित्सा उपचार का विकल्प नहीं है। कृपया कोई भी उपचार शुरू करने से पहले किसी विशेषज्ञ आयुर्वेदिक वैद्य की सलाह अवश्य लें।
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