मेरी उम्र 32 साल है, और मेरी दाढ़ी में सफेद बाल आने लगे हैं। सिर के बाल अभी ज़्यादातर काले हैं। मुझे चिंता है कि यह तेज़ी से बढ़ेगा।
मेरा काम बैठकर करने वाला है, रात को देर तक जागना होता है, और तीखा-तला खाने की आदत है। क्या इस उम्र में सफेद बाल सामान्य हैं? क्या सफेद हुए बाल फिर से काले हो सकते हैं? और सफेद होने से रोकने के लिए आयुर्वेद में क्या उपाय हैं?
नमस्ते
आपका दिन स्वस्थ रहे !!
डॉ. निकुल पटेल द्वारा संचालित आयुर्वेद के स्वास्थ्य जगत में आपका स्वागत है।
सीधा उत्तर: आयुर्वेद में भोजन की शुरुआत में मधुर (मीठा) रस लेने का वर्णन है, क्योंकि वह भारी होता है और भूख तीव्र होने पर अच्छी तरह पचता है। पर यह “थोड़ी मात्रा” के लिए है। डायबिटीज़, ज़्यादा वज़न या कफ की तकलीफ वाले लोग मिठाई बहुत कम लें।
आयुर्वेद की दृष्टि
आयुर्वेद के अनुसार भोजन में छह रस (स्वाद) होते हैं: मधुर, अम्ल (खट्टा), लवण (नमकीन), कटु (तीखा), तिक्त (कड़वा), कषाय (कसैला)। कुछ ग्रंथ भोजन का क्रम भी बताते हैं: शुरुआत में मधुर और भारी, बीच में खट्टा-नमकीन, और अंत में तीखा-कड़वा-कसैला तथा हल्का। कारण यह कि भोजन की शुरुआत में अग्नि (पाचन शक्ति) सबसे तीव्र होती है, जो भारी द्रव्य पचा सकती है। मधुर रस वात शांत करता है और मन को संतोष देता है।
भोजन की शुरुआत में घी-चावल का कौर लेने की पुरानी प्रथा भी इसी सिद्धांत पर आधारित है।
सावधानी
- आज की मिठाइयां चीनी, मैदे से बनी और तली होने से बहुत भारी हैं; “थोड़ी” का अर्थ सचमुच थोड़ी।
- भोज में एक साथ कई मिठाइयां, नमकीन और भारी व्यंजन लेने से अपच, एसिडिटी और आलस होता है।
- डायबिटीज़ हो तो शुरुआत सलाद, दाल या सब्ज़ी से करना बेहतर; मिठाई टालें या बहुत छोटी मात्रा।
स्वस्थ भोज के लिए सुझाव
- भूख का लगभग तीन हिस्सा ही खाएं; पेट ठूंसकर नहीं।
- शांति से बैठकर, चबाकर खाएं।
- खाने के बाद थोड़ा टहलें; तुरंत नींद नहीं।
- खाने के बाद छाछ (दिन में) पाचन के लिए अच्छी।
औषधि
भारी भोज के बाद अपच हो तो आयुर्वेद में हिंग्वाष्टक चूर्ण या अदरक-नींबू जैसे पाचक उपाय उपयोगी माने जाते हैं। सही दवा, मात्रा और समय आपकी स्थिति की जांच के बाद वैद्य तय करेंगे।
डॉक्टर को कब दिखाएं?
- खाने के बाद बार-बार सीने में जलन या दर्द
- डायबिटीज़ में भोज के बाद शुगर बहुत बढ़ना
- उल्टी, पेट में तीव्र दर्द
संबंधित प्रश्न
भोजन में छह रस क्यों ज़रूरी?
आयुर्वेद के अनुसार छह रस शरीर और मन का संतुलित पोषण करते हैं।
क्या खाने के बाद मिठाई खाना सही है?
आयुर्वेद के अनुसार भारी मिठाई अंत में लेने से पाचन और भारी होता है; थोड़ी और शुरुआत में ज़्यादा उचित।
डायबिटीज़ में भोज में क्या खाएं?
सलाद, दाल, सब्ज़ी और रोटी; मिठाई, चावल और तला बहुत कम।
संक्षेप में: आयुर्वेद के अनुसार भोजन की शुरुआत में थोड़ा मधुर रस लेना उचित है, क्योंकि तब पाचन शक्ति तीव्र होती है। पर आज की भारी मिठाई बहुत थोड़ी लें; डायबिटीज़ या ज़्यादा वज़न में शुरुआत सलाद-दाल से करना बेहतर।
आप आहार के बारे में अधिक मार्गदर्शन के लिए सलाह ले सकते हैं।
वैद्य निकुल पटेल (बी.ए.एम.एस.)
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