हमारी आवासीय स्कूल (लोकशाला) में बच्चे छात्रावास में रहते हैं और रसोई साथ चलती है। कुछ समय से बच्चों में बार-बार त्वचा रोग फैल रहे हैं: खुजली, खाज, दाद और एक्ज़िमा जैसी तकलीफ। एक बच्चे को होने के कुछ दिनों में दूसरे बच्चों को भी हो जाता है।
दवा लेने से कुछ दिन ठीक रहता है, पर फिर से शुरू हो जाता है। हम सफाई का ध्यान रखते हैं, फिर भी तकलीफ नहीं रुकती। हमारी रसोई में सादा, सस्ता भोजन बनता है, जिसमें दूध, गुड़, कढ़ी, फल, सब्ज़ी आदि रोज़ होते हैं।
आयुर्वेद की दृष्टि से ये रोग बार-बार क्यों होते हैं? रसोई और छात्रावास में कौन से बदलाव करने से यह तकलीफ घटे? बच्चों के लिए कौन से सुरक्षित आयुर्वेदिक उपाय किए जा सकते हैं?
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