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आयुर्वेदिक दवाओं में एंटीस्पैज़्मोडिक गुण – कब्ज़ और पेशाब की समस्या?

नमस्ते! मैं 58 वर्ष का पुरुष हूँ, लंबाई 5’8″, वज़न 50 किलो। मुझे प्रोस्टेट वृद्धि (BPH) और ब्लैडर नेक हाइपरट्रॉफी है। पिछली सोनोग्राफी में प्रोस्टेट 24 से 27 ग्राम था। 4 साल से पेड़ू में अजीब खिंचाव है जिससे कब्ज़ होती है। इस कारण घंटों बाथरूम में जाते हैं और अभी मैं काम नहीं कर पा रहा। एलोपैथी दवाएँ काम न करने पर मैंने ऑनलाइन आयुर्वेदिक डॉक्टर से परामर्श लिया। उन्होंने हिमप्लासिया, पुनर्नवादि कषाय और त्रिवृत लेह दिए। इन्हें लेने के बाद कब्ज़ और पेशाब दोनों दिन-ब-दिन और बिगड़ गए; त्रिवृत लेह (रेचक) भी काम नहीं आया। 2 हफ़्ते बाद मैंने तीनों बंद कर दिए। मेरे प्रश्न: 1. क्या दवाओं के एंटीस्पैज़्मोडिक गुण से कब्ज़ और पेशाब में कठिनाई हो सकती है? 2. क्या आप दूसरी दवाएँ सुझा सकते हैं?

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नमस्ते

आपका दिन स्वस्थ रहे !!

डॉ. निकुल पटेल द्वारा संचालित आयुर्वेद के स्वास्थ्य जगत में आपका स्वागत है।

आपने प्रश्न में बताए सभी विवरण मैंने देखे। आपको प्रोस्टेट वृद्धि और ब्लैडर नेक हाइपरट्रॉफी है; इस स्थिति में आयुर्वेदिक दवाएँ अच्छा काम करती हैं। आपकी स्थिति में कई बातें जुड़ी होने से दवा में ध्यान रखना पड़ता है और तकलीफ़ हो तो कभी-कभी बदलनी पड़ती है।

उत्तर 1: हिमप्लासिया लेने के बाद कई रोगियों को कब्ज़ और गैस की समस्या होती है; मेरे अनुभव में कई रोगी इसे सहन नहीं कर पाते। आपको पहले से ब्लैडर नेक हाइपरट्रॉफी है और हिमप्लासिया के असर से पेशाब और कठिन हो सकता है। त्रिवृत लेह रेचक और एंटीस्पैज़्मोडिक है, लेकिन हिमप्लासिया के कारण ठीक से काम नहीं किया।

उत्तर 2: बेहतर उपचार के लिए ऑफ़लाइन या ऑनलाइन परामर्श लें, ताकि ज़रूरत के अनुसार उचित उपचार मिले। निम्न दवाएँ शुरू करें और 1 महीने बाद संपर्क करें:

  • पुनर्नवा गुग्गुल (मात्रा डॉक्टर की सलाह अनुसार)
  • गोक्षुर घन वटी 2 गोली दिन में दो बार
  • चंद्रप्रभा वटी 2 गोली दिन में दो बार
  • एरंड भृष्ट हरीतकी चूर्ण 5 ग्राम रात को सोते समय गर्म पानी के साथ कब्ज़ के लिए; ज़रूरत अनुसार मात्रा घटा-बढ़ा सकते हैं

आहार:

  • खमीर वाला और बासी भोजन न लें
  • बाहर का बिकने वाला भोजन न लें
  • दही, छाछ, नींबू सहित सारा खट्टा और नमकीन भोजन न लें
  • तेल वाला और तला हुआ भोजन न लें

बेहतर परिणाम के लिए निम्न योगासन और प्राणायाम की सलाह देता हूँ…

योगासन:

  1. पश्चिमोत्तानासन
  2. चक्रासन
  3. सर्वांगासन
  4. उत्तानपादासन
  5. पवनमुक्तासन

प्राणायाम:

  1. भस्त्रिका प्राणायाम
  2. अनुलोम-विलोम प्राणायाम
  3. कपालभाति प्राणायाम

नोट:

यहाँ दी गई सलाह सुरक्षा और हर जगह उपलब्धता के आधार पर दी गई है। हालाँकि, परिणाम दवा बनाने वाली कंपनी की गुणवत्ता पर निर्भर कर सकता है।

हमारे पास अच्छी गुणवत्ता की दवाएँ भी उपलब्ध हैं। हम दवाएँ गैर-व्यावसायिक आधार पर बनाते हैं और केवल अपने क्लिनिक से ही भेजते हैं। कोई भी व्यक्ति हमारे यहाँ से शुद्ध दवाएँ ले जा सकता है या कूरियर द्वारा दुनिया भर में मँगवा सकता है (कूरियर शुल्क अलग)। ऑनलाइन परामर्श द्वारा दवा पाने के लिए ईमेल या व्हाट्सएप मैसेज करें।

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वैद्य निकुल पटेल (बी.ए.एम.एस.)

आयुर्वेद कंसल्टेंट
Atharva Ayurveda Clinic Logo
अथर्व आयुर्वेद क्लिनिक और पंचकर्म सेंटर
307, तीसरी मंजिल, शालिन कॉम्प्लेक्स, फरकी लस्सी के ऊपर, कृष्णबाग चार रास्ता, मणिनगर, अहमदाबाद – 380008
समय: सुबह 10:00 से 1:00 और दोपहर 3:00 से 6:30 | शनि–रवि: बंद
📍 क्लिनिक का Location — Google Maps
आयुर्वेद वेबसाइट्स: Hindi Website | Hindi Q&A
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Arattai: Ayurveda

महत्वपूर्ण सूचना: इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है, और यह किसी भी रोग के निदान या चिकित्सा उपचार का विकल्प नहीं है। कृपया कोई भी उपचार शुरू करने से पहले किसी विशेषज्ञ आयुर्वेदिक वैद्य की सलाह अवश्य लें।
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