मैंने एक दिन घी लिया… दूसरे दिन लेने का समय आया तो शरीर ने उसे स्वीकार नहीं किया – स्वाद और गंध सहन नहीं हुई और बहुत कोशिश के बावजूद उल्टी हो गई। इसलिए तीन दिन का आंतरिक स्नेहन पूरा करने के लिए घी की जगह 2 चम्मच अलसी का तेल लेने का निर्णय लिया… क्या यह ठीक है? (मेरा पित्त दोष है।)
नमस्ते
आपका दिन स्वस्थ रहे !!
डॉ. निकुल पटेल द्वारा संचालित आयुर्वेद के स्वास्थ्य जगत में आपका स्वागत है।
आपको स्नेहपान – पंचकर्म की पूर्व-प्रक्रिया – के दौरान समस्या हुई है।
इस पूर्व-प्रक्रिया में शरीर को किसी स्नेह द्रव्य – औषधीय घी या औषधीय तेल – से स्निग्ध बनाना होता है।
आपका पित्त दोष और पित्त प्रकृति होने से तेल की जगह घी और घी के योग लेने की सलाह है। घी में मिश्री मिला सकते हैं या गर्म दूध में घी डालकर पी सकते हैं।
पित्त दोष में पंचकर्म की पूर्व-प्रक्रिया के स्नेहपान के लिए अलसी का तेल उचित नहीं है। शांति से दवा लें और अपने पंचकर्म विशेषज्ञ की सलाह भी लें।
नोट:
यहाँ दी गई सलाह सुरक्षा और हर जगह उपलब्धता के आधार पर दी गई है। हालाँकि, परिणाम दवा बनाने वाली कंपनी की गुणवत्ता पर निर्भर कर सकता है।
हमारे पास अच्छी गुणवत्ता की दवाएँ भी उपलब्ध हैं। हम दवाएँ गैर-व्यावसायिक आधार पर बनाते हैं और केवल अपने क्लिनिक से ही भेजते हैं। कोई भी व्यक्ति हमारे यहाँ से शुद्ध दवाएँ ले जा सकता है या कूरियर द्वारा दुनिया भर में मँगवा सकता है (कूरियर शुल्क अलग)। ऑनलाइन परामर्श द्वारा दवा पाने के लिए ईमेल या व्हाट्सएप मैसेज करें।
वैद्य निकुल पटेल (बी.ए.एम.एस.)
307, तीसरी मंजिल, शालिन कॉम्प्लेक्स, फरकी लस्सी के ऊपर, कृष्णबाग चार रास्ता, मणिनगर, अहमदाबाद – 380008
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